Vedanta Demerger : वेदांता ग्रुप के बड़े डिमर्जर के बाद अब निवेशकों की नजर सोमवार 15 जून पर टिकी हुई है। कंपनी से अलग हुई चार नई कंपनियां स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने जा रही हैं। भारत के माइनिंग और मेटल सेक्टर में यह अब तक के सबसे बड़े डिमर्जर में से एक माना जा रहा है। इस कदम के जरिए वेदांता ने अपने अलग-अलग बिजनेस को स्वतंत्र पहचान देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है।
Vedanta Demerger
Vedanta Limited ने इस डिमर्जर के लिए 1 मई को रिकॉर्ड डेट तय की थी। कंपनी ने पहले ही साफ कर दिया था कि रिकॉर्ड डेट तक वेदांता लिमिटेड का एक शेयर रखने वाले निवेशकों को नई बनी चार कंपनियों में भी एक-एक शेयर मिलेगा। इनमें वेदांता एलुमिनियम, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील शामिल हैं। इस व्यवस्था का मकसद अलग-अलग बिजनेस की वैल्यू को बेहतर तरीके से सामने लाना है।
स्टॉक एक्सचेंज की ओर से जारी जानकारी के अनुसार चारों नई कंपनियां सोमवार को मार्केट में ट्रेडिंग शुरू करेंगी। शुरुआती दौर में इन शेयरों को ट्रेड-टू-ट्रेड सेगमेंट में रखा जाएगा। ऐसे में निवेशकों की हर खरीद और बिक्री डिलीवरी के आधार पर होगी, जिससे शुरुआती दिनों में शेयरों की चाल पर खास नजर रहेगी।
किस कंपनी पर सबसे ज्यादा दांव?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि वेदांता एलुमिनियम निवेशकों का सबसे ज्यादा ध्यान खींच सकती है। इसकी बड़ी वजह कंपनी की बढ़ती उत्पादन क्षमता और ग्लोबल एलुमिनियम मार्केट में बेहतर माहौल है। वहीं कुछ ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि वेदांता पावर भी मजबूत बिजनेस मॉडल और सेक्टर की बढ़ती मांग के कारण अच्छी दिलचस्पी हासिल कर सकती है। इसलिए लिस्टिंग के बाद इन दोनों कंपनियों पर खास फोकस रहने की संभावना है।
वेदांता का शेयर रिकॉर्ड
डिमर्जर से पहले भी वेदांता लिमिटेड ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिए हैं। कंपनी का शेयर शुक्रवार को ₹309.50 पर बंद हुआ था। पिछले 6 महीनों में शेयर करीब 58% चढ़ा है, जबकि एक साल में इसने लगभग 86% का रिटर्न दिया है। तीन साल में 209% और पांच साल में 211% की बढ़त कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को दिखाती है।
डिविडेंड देने में भी आगे रही कंपनी
वेदांता उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल है जो नियमित रूप से अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देती हैं। साल 2026 में भी कंपनी ने निवेशकों को ₹11 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। यही वजह है कि लंबे समय के निवेशकों के बीच कंपनी की लोकप्रियता बनी हुई है। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि डिमर्जर के बाद नई कंपनियां स्वतंत्र रूप से कितना अच्छा प्रदर्शन कर पाती हैं।