भारत का रेलवे सेक्टर अभी इन्वेस्टर्स के लिए एक हॉट टॉपिक बन गया है, क्योंकि सरकार रेलवे नेटवर्क को मॉडर्न बनाने और मेट्रो प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2050 तक ग्लोबल रेल एक्टिविटी में इंडिया की हिस्सेदारी लगभग 40% तक पहुंच सकती है, और सरकार ने 2047 तक 100 शहरों में 5,000 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क बनाने का टारगेट भी रखा है। इस बड़े प्लान का सीधा फायदा उन कंपनियों को मिल रहा है जिनके पास पहले से हजारों करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक मौजूद है।
इस लिस्ट में सबसे आगे Rail Vikas Nigam यानी RVNL है, जो एक सरकारी कंपनी है और रेलवे लाइन, इलेक्ट्रिफिकेशन, ब्रिज, मेट्रो और स्टेशन रीडेवलपमेंट जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। 31 मार्च 2026 तक इस कंपनी की टोटल ऑर्डर बुक 99,262 करोड़ रुपये की थी, जो इस लिस्ट में सबसे बड़ी है। गुरुवार को इसका स्टॉक 1% की बढ़त के साथ 247.58 रुपये पर बंद हुआ।
दूसरी बड़ी कंपनी Ircon International है, जो रेलवे के साथ-साथ हाईवे, ब्रिज, टनल और इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट्स में भी एक्टिव है। मार्च 2026 तक इसकी ऑर्डर बुक 24,984 करोड़ रुपये थी, हालांकि गुरुवार को इसका शेयर 1.09% गिरकर 139.18 रुपये पर आ गया।
Titagarh Rail Systems रोलिंग स्टॉक बनाने वाली टॉप कंपनियों में शामिल है और फ्रेट वैगन, मेट्रो कोच, पैसेंजर कोच जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी की स्टैंडअलोन ऑर्डर बुक 14,240 करोड़ रुपये है, लेकिन जॉइंट वेंचर को जोड़ने पर यह आंकड़ा 27,540 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। इसका स्टॉक गुरुवार को 1.33% चढ़कर 932 रुपये पर पहुंच गया।
RITES एक कंसल्टेंसी और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंपनी है, जो रेलवे, हाईवे, एयरपोर्ट और पोर्ट सेक्टर में सर्विस देती है। इसकी ऑर्डर बुक 9,416 करोड़ रुपये की है, जिसमें कंसल्टेंसी बिजनेस का कॉन्ट्रिब्यूशन 2,754 करोड़ रुपये और टर्नकी प्रोजेक्ट्स का 4,581 करोड़ रुपये है। गुरुवार को इसका शेयर मामूली 0.04% बढ़कर 212.18 रुपये पर रहा।
लिस्ट में आखिरी नाम Jupiter Wagons का है, जो फ्रेट वैगन और पैसेंजर कोच कंपोनेंट्स बनाने में माहिर है। कंपनी की ऑर्डर बुक 4,675 करोड़ रुपये की है, और इसे Wheelsets बिजनेस में कई बड़े ऑर्डर मिले हैं। गुरुवार को इसका शेयर हल्की बढ़त के साथ 279.50 रुपये पर पहुंच गया।
इन सभी कंपनियों की मजबूत ऑर्डर बुक यह दिखाती है कि आने वाले सालों में रेलवे सेक्टर में ग्रोथ की संभावना बनी रहेगी। सरकार का फोकस अगर इसी तरह बना रहता है, तो इन कंपनियों के लिए आगे और बड़े ऑर्डर आने की उम्मीद की जा सकती है।
Also Read: दो दिन में 7% उछला Navratna PSU कंपनी का शेयर, 216% रिटर्न के बाद फिर रफ्तार में स्टॉक