Green Energy : भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में कुछ कंपनियों ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन KPI Green Energy का नाम उन चुनिंदा शेयरों में शामिल है जिसने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न देकर चौंका दिया। कंपनी के शेयर ने पांच साल से भी कम समय में करीब 6506% का रिटर्न दिया है, जिससे लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशकों की संपत्ति कई गुना बढ़ गई।
KPI Green Energy शेयर प्रदर्शन
12 जून 2026 को KPI Green Energy का शेयर करीब ₹403 पर ट्रेड कर रहा था। जून 2021 में इसकी कीमत केवल ₹6.10 के आसपास थी। इस दौरान शेयर में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। अगर किसी निवेशक ने लिस्टिंग के समय ₹1 लाख का निवेश किया होता, तो उसकी वैल्यू आज करीब ₹66 लाख तक पहुंच जाती। हालांकि शेयर अपने 52-वीक हाई ₹563 से लगभग 28% नीचे है, लेकिन कंपनी का प्रदर्शन अब भी निवेशकों का ध्यान खींच रहा है।
रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो
KPI Green Energy सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के डेवलपमेंट और ऑपरेशन के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी कैप्टिव पावर प्रोड्यूसर (CPP) और इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) दोनों मॉडल के तहत बिजली सप्लाई करती है। मार्च 2026 तक कंपनी की इंस्टॉल्ड क्षमता 1.62 GW से ज्यादा पहुंच चुकी है, जबकि 4.64 GW से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इस तरह कंपनी का कुल इंस्टॉल्ड और अपकमिंग पोर्टफोलियो 6.26 GW तक पहुंच गया है।
कंपनी का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में जमीन और ट्रांसमिशन कनेक्टिविटी सबसे बड़ी चुनौतियों में मानी जाती हैं। KPI Green ने इस दिशा में पहले से निवेश कर मजबूत बढ़त हासिल की है। कंपनी का लैंड बैंक बढ़कर 7,210 एकड़ से अधिक हो गया है, जबकि पावर इवैक्यूएशन क्षमता 3,599 MW तक पहुंच चुकी है। यही वजह है कि कंपनी भविष्य के प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने की स्थिति में दिखाई देती है।
टेक्नोलॉजी और नए बिजनेस
कंपनी केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक्नोलॉजी आधारित ऑपरेशन पर भी जोर दे रही है। KPI Green 285 से ज्यादा क्लाइंट्स की मॉनिटरिंग करने वाला सेंट्रलाइज्ड नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर चलाती है। इसके अलावा कंपनी ने सोलर पैनल क्लीनिंग रोबोट बिजनेस भी विकसित किया है, जहां 785 से ज्यादा रोबोट तैनात किए जा चुके हैं। बैटरी एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन, फ्लोटिंग सोलर और एनर्जी ट्रेडिंग जैसे नए क्षेत्रों में भी कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है।
कंपनी के वित्तीय नतीजे
कंपनी के हालिया वित्तीय आंकड़े भी मजबूत ग्रोथ की ओर इशारा करते हैं। सालाना आधार पर रेवेन्यू ₹569 करोड़ से बढ़कर ₹796 करोड़ हो गया, जो करीब 40% की बढ़त है। इसी अवधि में ऑपरेटिंग प्रॉफिट 80% बढ़कर ₹291 करोड़ और नेट प्रॉफिट 49% बढ़कर ₹155 करोड़ पहुंच गया। तिमाही आधार पर भी रेवेन्यू, ऑपरेटिंग प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट में 20% से 23% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2030 तक 10 GW से अधिक रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का लक्ष्य कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ रणनीति को और मजबूत बनाता है।